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Monday, March 2, 2009

दर्द अपनाता है पराये कौन - Dard apnata hai paraaye kaun

दर्द अपनाता है पराये कौन
कौन सुनता है और सुनाये कौन

कौन दोहराए पुरानी बातें
ग़म अभी सोया है जगाये कौन

वो जो अपने हैं, क्या वो अपने हैं
कौन दुःख झेले, आजमाए कौन

अब सुकून है तो भूलने में है
लेकिन उस शख्स को भुलाए कौन

आज फ़िर दिल है कुछ उदास-उदास
देखिये आज याद आए कौन

1 comments:

Anuradha Khanna said...

इतनी सुन्दर ग़ज़लों के बोलों के लिए धन्यवाद. आप चाहें तो जगजीत जी की ग़ज़लों के विडियो अपने ब्लॉग पर दिखा सकते हैं. http://www.mypopkorn.com/music/ghazal/ पर जगजीत जी की कई ग़ज़लों के विडियो हैं जो आप अपने ब्लॉग में एम्बेड (embed) कर सकते हैं.