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Thursday, May 23, 2013

सोचा नहीं अच्छा बुरा - socha nahin achchha bura

सोचा नहीं अच्छा बुरा, देखा सुना कुछ भी नहीं
मांगा ख़ुदा से रात दिन तेरे सिवा कुछ भी नहीं

सोचा तुझे, देखा तुझे, चाहा तुझे पूजा तुझे
मेरी वफ़ा मेरी ख़ता, तेरी ख़ता कुछ भी नहीं

जिस पर हमारी आँख ने मोती बिछाये रात भर
भेजा वही काग़ज़ उसे, हमने लिखा कुछ भी नहीं

इक शाम की दहलीज़ पर बैठे रहे वो देर तक
आँखों से की बातें बहुत, मुँह से कहा कुछ भी नहीं

दो चार दिन की बात है दिल ख़ाक में सो जायेगा
जब आग पर काग़ज़ रखा, बाकी बचा कुछ भी नहीं

अहसास की ख़ुशबू कहाँ, आवाज़ के जुगनू कहाँ
ख़ामोश यादों के सिवा घर में रहा कुछ भी नहीं

Friday, August 14, 2009

कौन आया रास्ते आइना खाना - kaun aaya raste aaina-khana...

कौन आया रास्ते आइना खाना हो गए
रात रोशन हो गयी दिन भी सुहाने हो गए

ये भी मुमकिन है कि उसने मुझको पहचाना ना हो
अब उसे देखे हुए कितने जमाने हो गए

जाओ उन कमरों के आईने उठाकर फ़ेंक दो
वे अगर ये कह रहे हों हम पुराने हो गए

मेरी पलकों पर ये आंसू प्यार की तौहीन हैं
उसकी आँखों से गिरे मोती के दाने हो गए

Thursday, July 30, 2009

मुझसे बिछड़ के खुश रहते हो - mujhse bichhad ke khush rahte ho...

मुझसे बिछड़ के खुश रहते हो,
मेरी तरह तुम भी झूठे हो,

इक टहनी पर चाँद टिका था,
मैं ये समझा तुम बैठे हो,

उजले उजले फूल खिले थे,
बिल्कुल जैसे तुम हँसते हो,

मुझको शाम बता देती है,
तुम कैसे कपड़े पहने हो,

तुम तन्हा दुनिया से लडोगे,
बच्चों सी बातें करते हो,

Saturday, February 28, 2009

सर झुकाओगे तो पत्थर - sar jhukaaoge to patthar...

सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जायेगा
इतना मत चाहो उसे वो बेवफा हो जायेगा

हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है
जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जायेगा

मैं खुदा का नाम लेके पी रहा हूँ दोस्तों
ज़हर भी इसमे अगर होगा दवा हो जायेगा

रूठ जाना तो मोहब्बत की अलामत है मगर
क्या ख़बर थी मुझसे वो इतना खफा हो जायेगा

Friday, August 1, 2008

खुदा हमको ऐसी खुदाई ना दे...

खुदा हमको ऐसी खुदाई ना दे
के अपने सिवा कुछ दिखाई ना दे

खतावार समझेगी दुनिया तुझे
के इतनी ज़ियादा सफाई ना दे

हंसो आज इतना के इस शोर में
सदा सिसकियों की सुनाई ना दे

अभी तो बदन में लहू है बहुत
कलम छीन ले रोशनाई ना दे

खुदा ऐसे एहसास का नाम है
रहे सामने और दिखायी ना दे