नवीनतम पोस्ट

Showing posts with label राजेश रेड्डी. Show all posts
Showing posts with label राजेश रेड्डी. Show all posts

Sunday, August 14, 2011

ज़िन्दगी तूने लहू ले के दिया कुछ भी नहीं - zindagi tune lahoo le ke diya kuchh bhi nahin

ज़िन्दगी तूने लहू ले के दिया कुछ भी नहीं,
तेरे दामन में मेरे वास्ते क्या कुछ भी नहीं,

मेरे इन हाथों की चाहो तो तलाशी ले लो,
मेरे हाथों में लकीरों के सिवा कुछ भी नहीं,

हमने देखा है कई ऐसे खुदाओं को यहाँ,
सामने जिनके वो सचमुच का खुदा कुछ भी नहीं,

या खुदा अबके ये किस रंग में आई है बहार,
ज़र्द ही ज़र्द है पेड़ों पे हरा कुछ भी नहीं,

दिल भी एक जिद पे अड़ा है किसी बच्चे की तरह,
या तो सब कुछ ही इसे चाहिए या कुछ भी नहीं,