नींद से आँख खुली है अभी, देखा क्या है,
देख लेना अभी कुछ देर में दुनिया क्या है.
बाँध रखा है किसी सोच ने घर से हमको,
वरना अपना दर-ओ-दीवार से रिश्ता क्या है.
रेत की ईंट की पत्थर की हूँ या मिट्टी की,
किसी दीवार के साए का भरोसा क्या है.
अपनी दानिश्त में समझे कोई दुनिया "शाहिद"
वरना हाथों में लकीरों के इलावा क्या है?
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Thursday, October 22, 2009
Wednesday, August 5, 2009
मैं नशे में हूँ - main nashe me hun...
ठुकराओ या अब के प्यार करो मैं नशे में हूँ
जो चाहो मेरे यार करो मैं नशे में हूँ
अब भी दिला रहा हूँ यकीं-ऐ-वफ़ा मगर
मेरा ना एतबार करो मैं नशे में हूँ
गिरने दो तुम मुझे, मेरा साग़र संभाल लो
इतना तो मेरे यार करो मैं नशे में हूँ
मुझको कदम कदम पे भटकने दो वाइज़ों
तुम अपना कारोबार करो मैं नशे में हूँ
फ़िर बेखुदी में हद से गुज़रने लगा हूँ मैं
इतना ना मुझसे प्यार करो मैं नशे में हूँ
Monday, August 4, 2008
ग़म का खजाना तेरा भी है मेरा भी...
ग़म का खजाना तेरा भी है मेरा भी
ये नजराना तेरा भी है मेरा भी
अपने गम को गीत बना कर गा ले आ
राग पुराना तेरा भी है मेरा भी
तू मुझको और मैं तुझको समझाऊँ क्या
दिल दीवाना तेरा भी है मेरा भी
शहर में गलियों गलियों जिसका चर्चा है
वो अफसाना तेरा भी है मेरा भी
मैखाने की बात न कर वाइज़ मुझसे
आना-जाना तेरा भी है मेरा भी
ये नजराना तेरा भी है मेरा भी
अपने गम को गीत बना कर गा ले आ
राग पुराना तेरा भी है मेरा भी
तू मुझको और मैं तुझको समझाऊँ क्या
दिल दीवाना तेरा भी है मेरा भी
शहर में गलियों गलियों जिसका चर्चा है
वो अफसाना तेरा भी है मेरा भी
मैखाने की बात न कर वाइज़ मुझसे
आना-जाना तेरा भी है मेरा भी