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Thursday, July 23, 2009

तारीफ़ उस ख़ुदा की - tareef us khuda ki...

तारीफ़ उस ख़ुदा की जिसने जहां बनाया,
कैसी ज़मीं बनाई क्या आसमां बनाया,

मिट्टी से बेल फूटे क्या ख़ुशनुमा उग आये,
पहना के सब्ज़ ख़िल्लत उनको जवां बनाया,

सूरज से हमने पाई गर्मी भी रोशनी भी,
क्या खूब चश्मा तूने ए महरबां बनाया,

हर चीज़ से है उसकी कारीगरी टपकती,
ये कारख़ाना तूने कब रायबां बनाया,

Wednesday, July 22, 2009

तुझे ढूंढता था मैं चारसू - tujhe dhundhata tha main charsu...

तुझे ढूंढता था मैं चारसू, तेरी शान जल्लेजलाल हू,
तू मिला क़रीब-ए-रग-ए-गुलूं, तेरी शान जल्लेजलाल हू,

तेरी याद में है कली कली, है चमन-चमन में हुबल अली,
तू बसा है फूल में हू-ब-हू, तेरी शान जल्लेजलाल हू,

तेरे हुक्म से जो हवा चली तो चटक के बोली कली-कली,
है करीम तू रहीम तू, तेरी शान जल्लेजलाल हू,

तेरा जलवा दोनों जहाँ में है, तेरा नूर कोनोमकां में है,
यहाँ तू ही तू वहाँ तू ही तू, तेरी शान जल्लेजलाल हू

Tuesday, July 21, 2009

ज़रा चेहरे से कमली - jara chehre se kamli...

ज़रा चेहरे से कमली को हटा दो या रसूल-अल्लाह,
हमें भी अपना दीवाना बना दो या रसूल-अल्लाह,

मोहब्बत ग़ैर से मेरी छुड़ा दो या रसूल-अल्लाह,
मेरी सोई हुई क़िस्मत जगा दो या रसूल-अल्लाह,

बड़ी क़िस्मत हमारी है के उम्मत में तुम्हारी हैं,
भरोसा दीन-ओ-दुनिया में तुम्हारा या रसूल-अल्लाह,

अंधेरी कब्र में मुझको अकेला छोड़ जायेंगे,
वहां हो फ़ज़ल से तेरे उजाला या रसूल-अल्लाह,

ख़ुदा मुझको मदीने पे जो पहुँचाये तो बेहतर है,
के रोज़े पर ही दे दूंजां उजाकर या रसूल-अल्लाह,