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Friday, July 11, 2014

कैसे-कैसे हादसे सहते रहे... - kaise kaise haadse sahte rahe

कैसे-कैसे हादसे सहते रहे,
फिर भी हम जीते रहे हँसते रहे,

उसके आ जाने की उम्मीदें लिए,
रास्ता मुड़-मुड़ के हम तकते रहे,

वक़्त तो गुज़रा मगर कुछ इस तरह,
हम चराग़ों की तरह जलते रहे,

कितने चेहरे थे हमारे आस-पास,
तुम ही तुम दिल में मगर बसते रहे.

Wednesday, June 18, 2014

बस इक वक़्त का ख़ंजर मेरी तलाश में है... - bas ek waqt ka khanjar meri talash me hai

बस इक वक़्त का ख़ंजर मेरी तलाश में है,
जो रोज़ भेस बदल कर मेरी तलाश में है,

मैं एक क़तरा हूँ मेरा अलग वजूद तो है,
हुआ करे जो समंदर मेरी तलाश में है,

मैं देवता की तरह क़ैद अपने मंदिर में,
वो मेरे जिस्म के बाहर मेरी तलाश में है,

मैं जिसके हाथ में इक फूल देके आया था,
उसी के हाथ का पत्थर मेरी तलाश में है.

Wednesday, June 11, 2014

बेबसी जुर्म है हौसला जुर्म है... - bebasi zurm hai hausala zurm hai

बेबसी जुर्म है हौसला जुर्म है,
ज़िंदगी तेरी इक-इक अदा जुर्म है,

ऐ सनम तेरे बारे में कुछ सोचकर,
अपने बारे में कुछ सोचना जुर्म है,

याद रखना तुझे मेरा इक जुर्म था,
भूल जाना तुझे दूसरा जुर्म है,

क्या सितम है के तेरे हसीं शहर में,
हर तरफ़ ग़ौर से देखना जुर्म है.