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Friday, December 25, 2009

वो दिल ही क्या... - wo dil hi kya...

वो दिल ही क्या तेरे मिलने की जो दुआ ना करे,
मैं तुझको भूल के जिंदा रहूँ, खुदा ना करे.

रहेगा साथ तेरा प्यार ज़िन्दगी बनकर,
ये और बात, मेरी ज़िन्दगी वफ़ा ना करे.

सुना है उसको मुहब्बत दुआए देती है,
जो दिल पे चोट खाए मगर गिला ना करे.

ये ठीक है नहीं मरता कोई जुदाई में,
खुदा किसी को किसी से मगर जुदा ना करे.

खुदा किसी को किसी पर फ़िदा ना करे,
अगर करे तो क़यामत तलक जुदा ना करे.
(ये शेर जगजीत जी ने रिकॉर्ड नहीं किया है)


(Sung By Jagjit Singh)


(sung by Anup Jalota)

Monday, November 23, 2009

ज़िन्दगी से बड़ी सजा ही नहीं - zindagi se badi saza hi nahin...

ज़िन्दगी से बड़ी सजा ही नहीं,
और क्या ज़ुर्म है पता ही नहीं.

इतने हिस्सों में बंट गया हूँ मैं,
मेरे हिस्से में कुछ बचा ही नहीं.

सच घटे या बढ़े तो सच ना रहे,
झूठ की कोई इन्तेहा ही नहीं.

जड़ दो चांदी में चाहे सोने में,
आईना झूठ बोलता ही नहीं.

Saturday, October 24, 2009

देने वाले मुझे मौजों की... - dene wale mujhe maujon ki...

देने वाले मुझे मौजों की रवानी[1] देदे,
फिर से एक बार मुझे मेरी जवानी देदे.

अब्र[2] हो, जाम हो, साकी हो मेरे पहलू में,
कोई तो शाम मुझे ऐसी सुहानी देदे.

नशा आ जाये मुझे तेरी जवानी की कसम,
तू अगर जाम[3] में भर के मुझे पानी देदे.

हर जवान दिल मेरे अफसानो को दोहराता रहे,
हश्र[4] तक ख़त्म ना हो, ऐसी कहानी देदे.