नवीनतम पोस्ट

Showing posts with label Jigar Moradabadi. Show all posts
Showing posts with label Jigar Moradabadi. Show all posts

Thursday, December 5, 2013

हरसू दिखाई देते हैं वो जलवागर मुझे... - harsu dikhai dete hain wo jalwagar mujhe

हरसू दिखाई देते हैं वो जलवागर मुझे,
क्या क्या फ़रेब देती है मेरी नज़र मुझे,

डाला है बेख़ुदी ने अजब राह पर मुझे,
आँखें हैं और कुछ नहीं आता नज़र मुझे,

दिल लेके मुझसे देते हो दाग़-ए-जिगर मुझे,
ये बात भूलने की नहीं उम्र भर मुझे,

आया ना रास नाला-ए-दिल का असर मुझे,
अब तुम मिले तो कुछ नहीं अपनी ख़बर मुझे.

Friday, June 14, 2013

दर्द बढ़ कर फुगाँ ना हो जाये - dard badhkar fugaan naa ho jaaye

दर्द बढ़ कर फुगाँ ना हो जाये
ये ज़मीं आसमाँ ना हो जाये

दिल में डूबा हुआ जो नश्तर है
मेरे दिल की ज़ुबाँ ना हो जाये

दिल को ले लीजिए जो लेना हो
फिर ये सौदा ग़राँ ना हो जाये

आह कीजिए मगर लतीफ़-तरीन
लब तक आकर धुआँ ना हो जाये

Friday, August 7, 2009

इश्क की दास्तान है प्यारे - ishq ki dastan hai pyare...

इश्क की दास्तान है प्यारे,
अपनी-अपनी, जुबां है प्यारे

हम ज़माने से इंतकाम तो ले
एक हसीं दरमियान है प्यारे

तू नहीं मैं हूँ, मैं नहीं तू है
अब कुछ ऐसा गुमान है प्यारे

रख कदम फूंक-फूंक कर नादान
ज़र्रे-ज़र्रे में जान है प्यारे


Thursday, July 16, 2009

मुद्दत में वो फिर ताज़ा मुलाक़ात - muddat me wo phir taza mulaqat...

मुद्दत में वो फिर ताज़ा मुलाक़ात का आलम,
ख़ामोश अदाओं में वो जज़्बात का आलम,

अल्लाह रे वो शिद्दत-ए-जज़्बात का आलम,
कुछ कह के वो भूली हुई हर बात का आलम,

आरिज़ से ढ़लकते हुए शबनम के वो क़तरे,
आँखों से झलकता हुआ बरसात का आलम,

वो नज़रों ही नज़रों में सवालात की दुनिया,
वो आँखों ही आँखों में जवाबात का आलम

Thursday, June 4, 2009

शायर-ए-फितरत हूँ मैं - shayar-e-fitarat hun main

शायर-ए-फितरत हूँ मैं जब फ़िक्र फरमाता हूँ मैं,
रूह बन कर ज़र्रे ज़र्रे में समां जाता हूँ मैं,

आके तुम बिन इस तरह ऐ दोस्त घबराता हूँ मैं,
जैसे हर शय में किसी शय की कमी पाता हूँ मैं,

तेरी महफ़िल तेरे जलवे फिर तकाजा क्या जरूर,
ले उठा जाता हूँ जालिम ले चल जाता हूँ मैं

हाय-री मजबूरियाँ तरक़-ए-मुहब्बत के लिए
मुझको समझाते हैं वो और उनको समझाता हूँ मैं

एक दिल है और तूफ़ान-ए-हवादिस ए "जिगर"
एक शीशा है की हर पत्थर से टकराता हूँ मैं